" तुमने कहा था "
तुमने कहा था ," वक़्त के पाँव होते हैं",
और वो देखते देखते बहुत दूर चला जाता है.
और ये भी कि मुझे वक़्त को अपना हमसफ़र बना लेना चाहिए,
क्यूंकि तुम मेरे हमसफ़र नहीं बन सके थे !
पर तुमने झूठ कहा था ,
वक़्त के पाँव नहीं होते
ख्यालों के पाँव होते हैं !
वो वक़्त आज भी वहीं हे उसी मोड़ पर,
जहाँ हम तुम जुदा हुए थे.
और मै आज भी जब दिल चाहे
ख्यालों के पाँव लिए तुम्हारे पास चली आती हूँ .

No comments:
Post a Comment